दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
रिपोर्टर योगेंद्र तोमर
शहर के वार्ड क्रमांक 13 स्थित पचौरीपुरा, बजरंग कॉलोनी और श्री बास मोहल्ला के हालात पिछले कुछ दिनों से बेहद चिंताजनक बने हुए थे। यहां की सड़कें सड़क नहीं, बल्कि गंदे नाले में तब्दील हो चुकी थीं। जगह-जगह टूटी नालियां और बीच सड़क पर भरा लैट्रिनयुक्त पानी लोगों के लिए “नरक वास” जैसी स्थिति पैदा कर रहा था।
स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि रोजाना बच्चे और बुजुर्ग इस गंदे पानी में फिसलकर गिर रहे थे और घायल हो रहे थे। स्थानीय निवासियों के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा नालियों को तोड़कर पानी का बहाव रोक दिया गया था, जिससे पूरी कॉलोनी गंदगी और बदबू की चपेट में आ गई थी।
सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं, बच्चियों और छोटे बच्चों को झेलनी पड़ रही थी, जिन्हें सुबह मंदिर और स्कूल जाने के लिए इसी गंदे पानी से होकर गुजरना मजबूरी बन गया था। बदबू और गंदगी ने पूरे इलाके का जीवन दूभर कर दिया था।
निवासियों का आरोप था कि उन्होंने कई बार 181 सीएम हेल्पलाइन और नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे लोगों में भारी आक्रोश था।
हालांकि, जैसे ही मामले की जानकारी नगर पालिका सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर को मिली, उन्होंने तुरंत संज्ञान लेते हुए 15 और 16 तारीख को कर्मचारियों की टीम भेजकर नालियों की सफाई करवाई और पानी के निकास को सुचारू कराया।
साथ ही, जिन लोगों ने नालियों पर अतिक्रमण कर पानी के बहाव को बाधित किया था, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इस संबंध में सीएमओ अवधेश सिंह सेंगर ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। उनके खिलाफ नोटिस जारी कर आवश्यक होने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
अब सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई स्थायी समाधान साबित होगी, या फिर कुछ समय बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाएंगे? फिलहाल, नगर पालिका की इस त्वरित पहल से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस जरूर ली है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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