– बिल्हरका में बालू माफिया का खुला आतंक, ग्रामीणों को मिल रही जिंदा दफनाने की धमकी
बांदा/नरैनी। जनपद में केन नदी की निर्मम लूट हो रही है। प्रतिबंधित पोकलैंड मशीनों से दिन-रात अवैध बालू खनन कर नदी को गहरे गड्ढों में बदल दिया गया है। ग्राम बिल्हरका के साहसी ग्रामीण अब चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने जिलाधिकारी बांदा, खनिज अधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सख्त प्रार्थना पत्र भेजकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।
मोनू गुप्ता (पन्ना), हबीब खाँ (जमवारा) और राहुल सिंह (हरदई, छतरपुर) जैसे बालू ठेकेदार खुले आम पोकलैंड मशीनों से नदी के बीचों-बीच विशाल गड्ढे खोद रहे हैं। नहर सूखने के कारण ग्रामीण मवेशियों को नदी में पानी पिलाने ले जाते हैं, लेकिन गड्ढों में गिरकर कई पशु मर चुके हैं। ठेकेदार मृत पशुओं को पोकलैंड से उसी गड्ढे में दफना देते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ये माफिया नदी को पूरी तरह नष्ट कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया है कि जब वे बालू भरे ट्रकों को रोकते हैं तो पुलिस और प्रशासन खुद पहुंचकर ट्रकों को निकलवा देते हैं। ठेकेदारों को प्रशासन का खुला संरक्षण मिला हुआ है। ग्रामीणों को जिंदा दफनाने की खुली धमकियां दी जा रही हैं। पूरे गांव में दबंगई और खौफ का माहौल है।
प्रार्थना पत्र पर ग्राम बिल्हरका के रामजी, देशराज, जयसिंह, धीरेन्द्र सिंह, नेक सिंह, सुमित, जगतपाल सिंह, प्रद्युम्न सिंह, सुजीत सिंह समेत दर्जनों ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं। 9 अप्रैल 2026 को ली गई तस्वीर में नदी के बीच पोकलैंड मशीन खड़ी साफ दिख रही है।
ग्रामीणों की मांग है — अवैध बालू खनन तुरंत बंद हो, दोषी ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो और धमकियों की जांच हो। जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाली योगी सरकार में नदी लूटने वालों को प्रशासनिक संरक्षण कैसे मिल रहा है? ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय प्रशासन से लेकर आज जिलाधिकारी को दिए गए ज्ञापन में मांग करते हुए कहा कि अगर जल्द ही जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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