मीटर रीडिंग में गड़बड़ी कर शासन को लगा रहे लाखों रुपए की चपत
सहायक अभियंता रोहित सिंह और कार्यकारी अभियंता उमेश शर्मा के सानिध्य में मीटर रीडर खा रहे मलाई
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
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ग्वालियर सिटी नॉर्थ। सहायक अभियंता रोहित सिंह, विनय नगर को लेकर मीटर रीडिंग व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर सूत्र बताते है कि मीटर रीडरों से लगभग पाँच हजार प्रतिमाह कमीशन के तोर पर लिया जाता हैं, कुछ मामलों में बिजली मीटर की वास्तविक रीडिंग और बिलों में दर्ज रीडिंग के बीच अंतर देखने को मिल रहा है।
वहीं, उच्च अधिकारियों के स्तर पर कार्यकारी अभियंता उमेश शर्मा, ग्वालियर सिटी नॉर्थ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोपों में दावा किया जा रहा है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कथित मिलीभगत के कारण शासन और बिजली कंपनी को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
मीटर रीडिंग में हेरफेर के आरोप
केसरिया हिंदुस्तान के पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कुछ उपभोक्ताओं के मीटरों में वास्तविक खपत और बिल में दर्ज रीडिंग के बीच अंतर होने का दावा किया गया है। यह भी आरोप है कि जिन घरों में दो बिजली मीटर लगे हुए हैं, वहां एक मीटर की रीडिंग दर्ज की जाती है, जबकि दूसरे मीटर की रीडिंग कथित तौर पर सामने नहीं आती। कुछ मामलों में मीटर में आग लगने या मीटर के खराब होने जैसी परिस्थितियों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
जांच होने पर सामने आ सकती है वास्तविकता
इन आरोपों के मद्देनजर सहायक अभियंता रोहित सिंह, विनय नगर और कार्यकारी अभियंता उमेश शर्मा, ग्वालियर सिटी नॉर्थ की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
यदि मीटरों की वास्तविक रीडिंग, बिलिंग रिकॉर्ड, मीटर खराब होने की रिपोर्ट और संबंधित शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो कथित अनियमितताओं की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
केसरिया हिंदुस्तान की अगली रिपोर्ट में होंगे नए खुलासे
केसरिया हिंदुस्तान इस मामले से जुड़ी जानकारी और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे भी पड़ताल जारी रखेगा। मामले में संबंधित अधिकारियों का पक्ष और जांच से जुड़े तथ्य सामने आने पर पाठकों तक आगे की जानकारी पहुंचा जाएगी।







