फोटो साभार: खुला पड़ा तालाब और असुरक्षित माहौल में स्कूल जाते बच्चे
दिनारा। कस्बा स्थित ऐतिहासिक पुराना दिनारा तालाब इन दिनों स्थानीय निवासियों और मासूम बच्चों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहा है। तालाब के चारों ओर सुरक्षा रेलिंग या बैरिकेडिंग न होने के कारण यहाँ हर समय गंभीर हादसे का अंदेशा बना रहता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने का नतीजा यह है कि अब तक तालाब में गिरकर चार बेसहारा गायों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं।मासूमों पर मंडरा रहा चौबीसों घंटे खतरा तालाब के ठीक समीप ही शासकीय प्राइमरी तोर मोदी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हो रहे हैं। रोजाना सैकड़ों छोटे बच्चे यहाँ पढ़ने आते हैं। स्कूल और आंगनबाड़ी के ठीक सामने खुला तालाब होने से खेलते-कूदते समय बच्चों के उसमें गिरने का डर हमेशा बना रहता है। मवेशियों की मौत के बाद से क्षेत्र के अभिभावक बेहद चिंतित और डरे हुए हैं।उच्चाधिकारियों को सौंपा जाएगा मांग पत्र, इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक उच्चाधिकारियों को एक शिकायती मांग पत्र सौंपा जाएगा । पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि किसी बड़ी जनहानि से पहले यहाँ सुरक्षा दीवार या रेलिंग का निर्माण कराया जाए।युवा नेता नीरज राजपूत, भूतपूर्व युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष अजय राजपूत, गिरबल लोधी, यशपाल लोधी, धर्मेंद्र ठाकुर, शिशुपाल यादव और पंकज पटवा सहित अनेक ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने तुरंत सुध नहीं ली और तालाब के किनारे मजबूत रेलिंग नहीं लगवाई, तो वे बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे
Author: Dainik kesariya Hindustan
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