बरघाट जनपद में फूटा जनता का गुस्सा कागजों पर चमका विकास जमीन पर बह गया भ्रष्टाचार का मलबा सावधान यहाँ पुल नहीं मौत का जाल बिछाया था 15 लाख डकारने वाले सफेदपोशों पर कब चलेगा कानूनी चाबुक

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो चीप शफीक खान मो.9753992716

सिवनी बरघाट दैनिक केसरिया हिंदुस्तान इसे विकास कहें या विनाश का निमंत्रण सिवनी जिले की जनपद पंचायत बरघाट के ग्राम पंचायत खूंट से एक ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई है जिसने पूरे प्रशासनिक अमले की नींद उड़ा दी है जिस पुलिया को ग्रामीणों की सहूलियत के लिए 15 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि से तैयार किया गया था वह मॉनसून की पहली ही बौछार में ताश के पत्तों की तरह ढह गई ग्रामीणों का सीधा और तीखा आरोप है यह पुल नहीं बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई और सरकारी पैसे की कब्र है जिसे भ्रष्टाचार के कफन में लपेटकर बनाया गया था सीमेंट कम भ्रष्टाचार ज्यादा रेत की दीवार साबित हुई पुलिया मनरेगा और पंचायत मद के लाखों रुपये ठिकाने लगाने का यह खेल इतना गंदा है कि पहली बारिश ने ही इसकी सारी पोल पट्टी खोलकर रख दी कागजी फाइलों में जिस निर्माण को अल्ट्रा-मजबूत और गुणवत्तापूर्ण’ बताकर लाखों के बिल पास करा लिए गए हकीकत में वह रेत का ढेर साबित हुई इंजीनियरिंग का जनाजा न कोई तकनीकी मापदंड न मजबूत बेस और न ही सही अनुपात में सीमेंट-लोहा दिखावे का खेल फाइलों में लोहे और गिट्टी का अंबार दिखाया गया, लेकिन मौके पर बह गई सिर्फ मिट्टी और रेत खतरे में जिंदगियां पुलिया क्या टूटी ग्रामीणों स्कूली बच्चों और किसानों की जिंदगी दांव पर लग गई अब लोग जान हथेली पर रखकर उफनते नाले को पार करने पर मजबूर हैं अगर कल को किसी मासूम बच्चे या ग्रामीण के साथ अनहोनी हो गई, तो क्या यह भ्रष्ट तंत्र उसकी जान वापस ला पाएगा ग्रामीणों का सुलगता सवाल मलाई किसकी जेब में बंदरबांट का खुला खेल ग्राम पंचायत खूंट की इस टूटी पुलिया ने सरपंच सचिव और संबंधित तकनीकी अधिकारियों के चेहरों से ईमानदारी का नकाब नोच दिया है। गांव-गांव में अब सिर्फ एक ही चर्चा है जनता का पैसा आखिर किसकी तिजोरी में गया बिना किसी क्वालिटी चेक के भुगतान की फाइलें कैसे दौड़ गईं क्या ऊपर से लेकर नीचे तक सबने अपनी आंखें बंद कर रखी थीं या फिर इस मलाई में सबका हिस्सा तय था यह सीधे-सीधे जनता की जान से खिलवाड़ का मामला है अल्टीमेटम जांच नहीं तो थमेगा चक्काजाम होगा उग्र आंदोलन
इस महा-घोटाले के सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है आक्रोशित जनता ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच तत्काल शुरू हो भ्रष्ट इंजीनियर सचिव सरपंच और ठेकेदारों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो
यदि जल्द ही दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो जनपद से लेकर जिला मुख्यालय तक ऐसा उग्र आंदोलन होगा जिसे संभालना प्रशासन के बस में नहीं होगा सिस्टम से सीधे 5 सुलगते सवाल सवाल नंबर 1: पहली ही बारिश का दबाव न झेल पाने वाली इस कागजी पुलिया’ को हरी झंडी देने वाला इंजीनियर कौन है सवाल नंबर 2: बिना काम की गुणवत्ता जांचे लाखों रुपये का अंतिम भुगतान किस दबाव में जारी किया गया सवाल नंबर 3: क्या जिम्मेदार अधिकारियों का वरदहस्त इस भ्रष्टाचार को संरक्षण दे रहा था सवाल नंबर 4: सरकारी खजाने को लूटकर अपनी तिजोरियां भरने वाले इन सफेदपोशों पर कानूनी बुल्डोजर कब चलेगा सवाल नंबर 5: इस टूटे हुए मलबे के बीच से जो जनता गुजरने को मजबूर है उनके साथ होने वाले किसी भी हादसे का जिम्मेदार कौन होगा खूंट पंचायत की यह ढही हुई पुलिया अब सिर्फ कंक्रीट का मलबा नहीं है बल्कि यह इस समूचे भ्रष्ट सिस्टम के मुंह पर लगा एक जोरदार तमाचा है अब देखना यह है कि प्रशासन इस घोटाले को फाइलों में दफन करता है या फिर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजकर मिसाल कायम करता है

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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