बिना लाइसेंस भंडारण करने वालों पर प्रशासन सख्त, दस्तावेज नहीं दिखाने पर हुई कार्यवाही

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दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान से चंद्रशेखर बरेठ

सक्ती, कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशन में एवं उप संचालक कृषि श्री तरुण कुमार प्रधान के मार्गदर्शन में जिले में उर्वरक की असामान्य बिक्री, कालाबाजारी एवं जमाखोरी रोकने के लिए लगातार निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विगत दिवस को प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर विकासखंड डभरा के ग्राम पुटीडीह में विकासखंड स्तरीय दल द्वारा श्री दिलीप कुमार साहू, पिता श्री गणेश राम साहू के घर पर मौके की जांच की गई। जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेज के लगभग 82 बोरी (4.100 मेट्रिक टन) उर्वरक का भंडारण पाया गया। संबंधित व्यक्ति से क्रय बिल सहित आवश्यक दस्तावेज मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं किए गए, जिससे प्रथम दृष्टया उर्वरक की कालाबाजारी कर किसानों को बेचने की आशंका व्यक्त की गई। फलस्वरूप उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उर्वरक निरीक्षक विकासखंड डभरा द्वारा उक्त 82 बोरी उर्वरक को जब्त कर श्री दिलीप कुमार साहू को सुपुर्द किया गया तथा संबंधित को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। कार्यवाही के दौरान विकासखंड डभरा के उर्वरक निरीक्षक श्री राजेन्द्र कुमार पटेल, नायब तहसीलदार डभरा श्री आशीष पटेल, हल्का पटवारी एवं ग्राम कोटवार उपस्थित रहे।
बिना लाइसेंस उर्वरक भंडारण एवं विक्रय नहीं करने की अपील
कृषि विभाग द्वारा जिले के समस्त उर्वरक विक्रेताओं व अन्य से अपील की गई है कि बिना वैध लाइसेंस के उर्वरकों का भंडारण, परिवहन अथवा विक्रय न करें। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से उर्वरकों का भंडारण कर कालाबाजारी करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा पक्का बिल अवश्य प्राप्त करें। किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना जिला कृषि विभाग कार्यालय एवं विकासखंड कृषि कार्यालय में देने की अपील की गई है।

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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