हरीश सोनी जिला संपादक केसरिया हिंदुस्तान
आलीराजपुर (जोबट)। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में ठेके की शराब दुकानों पर खुलेआम एमआरपी से अधिक कीमत वसूली जा रही है, जबकि आबकारी विभाग मूकदर्शक है।
स्थानीय लोगों के अनुसार 167 एमआरपी वाली शराब की बोतल 200 तक में बेची जा रही है। जोबट में दो सरकारी दुकान है ओर दोनों पर रेट लिस्ट नहीं है, जिससे ग्राहकों को वास्तविक मूल्य की जानकारी नहीं मिल रही। कुछ दिन पहले मीडिया में करोड़ों के जमीन घोटाले को लेकर खबर प्रकाशित आई थी, जिसमें शराब कारोबारी सूरज रजक का नाम सामने आया था। अब उसी कारोबारी और उसके जिला मैनेजर हितेश चौहान पर क्षेत्र में सरकारी शराब दुकान के माध्यम से मनमानी और ओवररेटिंग कराने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि फोर और टू व्हीलर के जरिए गांव-गांव तक शराब सप्लाई की जा रही है। आबकारी विभाग की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
इधर आबकारी अधिकारी जोबट मयंक बिरला ने कहा कि मुझे जानकारी लगी थी कि दुकानदार द्वारा अधिकतम खुदरा मूल्य से ज्यादा में शराब की बिक्री की जा रही है। इसलिए दुकानदार को फटकार लगाकर निर्देश दिए है कि उचित दाम पर ही शराब की बिक्री करे। साथ ही दुकान के बाहर शराब की वास्तविक कीमतों की जानकारी हेतु मूल्य सूची लगाने का भी निर्देश दिया गया है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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