दैनिक केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरोचीफ श्याम कुशवाह
खरगोन -भारत में नाबालिग बच्चियों के खिलाफ यौन अपराधों और हिंसा के मामलों में चिंताजनक बढ़ोतरी हुई है, जिसमें बलात्कार, अपहरण और यौन शोषण की घटनाएं प्रमुख हैं। 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में नाबालिगों द्वारा जघन्य अपराधों में संलिप्तता बढ़ी है और रिश्तेदार भी बच्चियों का शोषण कर रहे हैं।
प्रमुख समाचार और स्थिति (2025-2026):बढ़ते मामले:*
भारत में बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों और अपहरण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसमें नाबालिग लड़कियां सबसे ज्यादा शिकार हो रही हैं।मध्य प्रदेश में अपराध: मध्य प्रदेश में 7 साल की बच्ची से गैंगरेप और हत्या जैसे जघन्य अपराध सामने आए हैं, जिसमें करीबी रिश्तेदारों के शामिल होने की बात सामने आई है।
अपराध में नाबालिग: एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, 2023 में 40,000 से अधिक नाबालिग (18 वर्ष से कम) गंभीर अपराधों में शामिल पाए गए, जो एक साल पहले की तुलना में बढ़े हैं। *कारण और प्रभाव* हिंसा के शिकार बच्चों में मादक द्रव्यों के सेवन, अवसाद, चिंता और अपराध में शामिल होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके पीछे हिंसक डिजिटल कंटेंट को भी एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
कानूनी और सुरक्षा उपाय:त्वरित कार्रवाई: पुलिस और अधिकारी अब बच्चों के अपहरण के मामलों में तुरंत कार्रवाई (जैसे FBI की CARD टीमें) करते हैं, क्योंकि समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। पोक्सो कानून (POCSO): यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण के लिए कड़े कानून हैं, जो अपराधियों को कड़ी सजा का प्रावधान करते हैं। डिजिटल सुरक्षा: इंटरनेट और गेमिंग ऐप्स पर बच्चों की गतिविधियों की निगरानी आवश्यक है क्योंकि यौन अपराधी सोशल मीडिया के जरिए भी सक्रिय हैं। चिंता का विषय: नाबालिक बच्चियों के खिलाफ अपराध न केवल उनकी शारीरिक सुरक्षा, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं। समाज और प्रशासन के लिए यह एक गंभीर चुनौती है।
एक मां ही बच्चियों की सही सीख
जहा एक और बच्चियो के साथ हो रहे अपराध और कानून की सख्ती के बाद भी बढ़ते अपराधो पर अंकुश लगाने के लिए बच्चियों की मां को ही सही सीख देना पड़ेगी। आज निजी रिश्तेदारों की हैवानियत को देखते हुए, बच्चियों की मां को अपनी बालिकाओं को यह समझाइश देने की जरूरत है कि यदि उनके प्रायवेट पार्ट को पिता, अंकल, चाचा रिश्तेदार या पड़ोसी और स्कूल में मित्र व टीचर टच करता है,तो उन्हें अपनी मां को तुरंत बताना चाहिए, क्योंकी मां ही वो इंसान है जो अपनी बच्ची के लिए दुनिया से लड़ सकती है। बच्चियों की मां से निवेदन है कि अपनी बच्ची को हैवानियत का शिकार होने से बचाने के लिए केवल एक ही रास्ता है, कि वो उन्हें बेड टच के बारे में बताकर उन्हें समझाए और उन्हे सतर्क करे।
खरगोन जिले में ग्राम पंचायत साईखेडा की डेहरी में 7 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की आशंका व हत्या कर गेहूं के भूसे में गला घोंटकर दबाने की घटना बहुत ही ह्रदय विदारक है, ग्रामीणों और मायाराम सरपंच द्वारा दोषियो को फांसी की मांग की गई है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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