(केसरिया हिंदुस्तान जिला ब्यूरो चीफ तोरन कुमार)
कवर्धा: चितेरे पथ” के विमोचन पर उमड़ा जनसैलाब; मंत्री ने कहा- “बलबीर की कला और संकल्प ने प्रदेश का मस्तक ऊँचा किया, अब विश्व मंच की बारी”
(03 मई 2026) कबीरधाम की पावन धरा भोरमदेव के करिआमा मे आज उस समय एक नया इतिहास रचा गया, जब सत्ता के गलियारों की संवेदनशीलता और वनांचलों की कलात्मक ऊर्जा का मिलन हुआ। अवसर था—राष्ट्रीय जनजातीय चित्रकार और राष्ट्रीय पेंटिंग अवार्ड विजेता बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा द्वारा लिखित बहुचर्चित पुस्तक “चितेरे पथ” के भव्य विमोचन का। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री माननीय केदार कश्यप और राजनांदगांव सांसद माननीय संतोष पाण्डेय की उपस्थिति में आयोजित इस समारोह ने यह साबित कर दिया कि जब हुनर को सही नेतृत्व का साथ मिलता है, तो वह सीमाओं को लांघकर इतिहास रच देता है।
एक पेंटिंग, जिसने जीत लिया मंत्री का विश्वास
समारोह का सबसे भावुक और गौरवशाली क्षण वह था, जब भोरमदेव आदिवासी चितेरे फाउंडेशन की राष्ट्रीय युवा संयोजक सुश्री कृति चंद्रवंशी और संस्थापक बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा ने वन मंत्री को एक विशेष भेंट प्रदान की। बलबीर द्वारा स्वयं तैयार की गई इस पेंटिंग में भोरमदेव के सघन वनों की रहस्यमयी सुंदरता, वहां के दुर्लभ जीव-जंतुओं और बैगा जनजाति के पारंपरिक व सादगीपूर्ण जीवन को इस कदर जीवंत किया गया था कि वन मंत्री केदार कश्यप काफी देर तक उसे अपलक निहारते रहे। मंत्री जी ने बलबीर के हाथ थामकर उनकी प्रतिभा की सराहना की और फाउंडेशन के भविष्य के लक्ष्यों पर उनसे लंबी व्यक्तिगत चर्चा की।
कला की खुशबू से महका बुकिंग सेंटर और गार्डन
सिर्फ पुस्तक ही नहीं, बल्कि पर्यटन क्षेत्र के टिकट बुकिंग सेंटर और उद्यानों की दीवारें भी बलबीर की प्रतिभा की गवाही दे रही हैं। यहाँ बलबीर द्वारा उकेरी गई ‘गोंड आर्ट’ और ‘सोहराई आर्ट’ की भव्य कलाकृतियाँ अब पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। अतिथियों ने जब इन चित्रों को देखा, तो उन्होंने स्वीकार किया कि बलबीर ने अपनी मेहनत और कला के माध्यम से कबीरधाम की संस्कृति को दीवारों पर अमर कर दिया है।
भोपाल से दिल्ली तक गूंज रही है कबीरधाम की कला
कबीरधाम वन मंडल अधिकारी निखिल अग्रवाल ने विमोचन के दौरान वन मंत्री को गौरव के साथ अवगत कराया कि विभाग के निरंतर सहयोग से कबीरधाम के जनजातीय कलाकार पिछले दो वर्षों से लगातार ‘भारत भवन, भोपाल’ जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कला केंद्रों में अपनी धाक जमा रहे हैं। इन कलाकारों का नेतृत्व बलबीर प्रसाद विश्वकर्मा कर रहे हैं, जिससे भोरमदेव क्षेत्र की पहचान अब वैश्विक कला जगत में होने लगी है।
संकल्प से सिद्धि की ओर: शासन का पूर्ण समर्थन
वन मंत्री केदार कश्यप ने जब बलबीर के उस संकल्प के बारे में सुना, जिसमें वे सैकड़ों जनजातीय युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षित कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहे हैं, तो उन्होंने भावुक होकर कहा:
“बलबीर ने अपनी मेहनत और फाउंडेशन के सहयोग से जो लकीर खींची है, वह अद्भुत है। यह केवल एक पुस्तक का विमोचन नहीं, बल्कि एक संस्कृति के पुनर्जागरण का शंखनाद है। जनजातीय भाइयों की कला को विश्व मंच तक ले जाने के इस महान अभियान में छत्तीसगढ़ सरकार बलबीर और उनके फाउंडेशन के साथ हर कदम पर खड़ी है।”
फाउंडेशन की मजबूत टीम रही मौजूद
इस सफलता के पीछे छिपे उन चेहरों की भी मंच पर जमकर सराहना हुई जिन्होंने बलबीर के साथ दिन-रात एक किया। कार्यक्रम में कलेक्टर गोपाल वर्मा, डीएफओ निखिल अग्रवाल और अभ्यारण्य अधीक्षिका अनिता साहू के साथ-साथ फाउंडेशन के प्रमुख स्तंभ उपस्थित रहे:
प्रभात विश्वकर्मा (राष्ट्रीय सह सचिव)
लीलाधर नेताम (कबीरधाम जिला अध्यक्ष)
श्री देव आर्ट (कबीरधाम जिला संरक्षक)
देवराज यादव (कवर्धा ब्लॉक अध्यक्ष)
राजकुमार चंद्रवंशी
“चितेरे पथ” का यह विमोचन आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के जनजातीय कलाकारों के लिए प्रेरणा का पुंज साबित होगा। बलबीर की लेखनी और उनकी कला ने आज वन मंत्री के रूप में एक ऐसा संरक्षक पा लिया है, जो इस कला को सात समंदर पार ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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