रविन्द्र सिंह पवैया दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
9644811407
ग्वालियर। भीषण गर्मी में अपनी प्यास बुझाने के लिए लोग जमकर पानी पाउचों का इस्तेमाल करते हैं। शादी, समारोह या धार्मिक आयोजनों में भी पानी पाउच थोक के भाव में मंगाकर लोगों को पिलाया जाता है। लेकिन अब सावधान हो जाइए क्योंकि आमतौर पर आपको विवाह समारोह और अन्य आयोजनों के दौरान पिलाया जाने वाला पानी आपको बीमार कर सकता है। बाजार से पाउच खरीदकर भी पानी तभी पीये जब उस पर आपको पैकिंग की तारीख स्पष्ट नजर आए। दरअसल बाजार में प्रशासन की अनदेखी के कारण बिना मेन्यु फैक्चरिंग डेट के ही पानी के पाउच धड़ल्ले से बिक रहे हैं। गर्मी की शुरुआत के साथ ही बाजार में पानी पाउच की बिक्री भी बढ़ गई है। बाजार में बिकने वाले इस पाउच पर निर्माता कंपनी के नाम सहित ये हिदायत स्पष्ट अक्षरों में लिखी जा रही है कि पाउच पैकिंग तिथि के 1 माह तक ही पाउच का पानी अच्छा रहेगा। लेकिन पाउच पर कहीं भी पैकिंग की तारीख नहीं लिखी है। यानी अब उपभोक्ता के लिए इस पानी के शुद्घ होने का कोई पैमाना ही बाकी नहीं रह गया है। लिहाजा आमतौर पर उपभोक्ता बिना किसी जांच पड़ताल के ही इस पानी का उपयोग कर रहे हैं। यदि पानी काफी पुराना हुआ तो उपयोग करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इस पानी का बुरा असर पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।शहर में पानी का पाउच बाहर से आता है। गर्मी के दिनों में इसकी खपत अच्छी खासी बढ़ जाती। जिसको मद्देनजर रखते हुए दुकानदारों द्वारा पाउच का पानी दो से तीन गुने अधिक दाम में बेची जा रही है जबकि पाउच पर अधिकतम मूल्य कम ही लिखा रहता है। जानकारी के अनुसार 60 नग वाली पानी पाउच की एक बोरी कीमत की थोक विक्रेता 40 रुपए मे खरीदकर दुकानदारों को 50 रिपए प्रति बोरी बेचते हैं। इस लिहाज से एक पाउच की कीमत करीब 84 पैसे पड़ती है लेकिन शहर के लगभग हर दुकान में एक पानी पाउच 2 रुपए बेची जा रही है लेकिन संबंधित विभाग का अभी तक इस ओर ध्यान हीं नही गया।पानी पाउचों पर मैन्युफैक्चरिंग व अवसान तिथि लिखना अनिवार्य है। साथ ही पाउच पर लिखे कीमत से अधिक दाम में बेचना गैरकानूनी है। अगर कोई दुकानदार इस तरह के पानी पाउच की बिक्री करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। अगले अंक पर हम आपको इस विषय पर एक्सपर्ट की जानकारी देंगे
इन से नही हो सकी बात
जब हमारे संवाददाता ने ग्वालियर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के दोनों नंबर पर संपर्क करना चाहा तो कॉल रिसीव नहीं हुआ

सचिन श्रीवास्तव
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
इनका कहना हैं
पानी के पाउच पीने से क्या हो सकती है बीमारियां केसरिया हिंदुस्तान की टीम ने जब डॉक्टर मनोज सिंह तोमर से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि पानी पाउच जिससे पेट की बीमारियां होती हैं GIT से रिलेटेड हो जाती है जैसे पीलिया उल्टी दस्त पेट में संक्रमण इस टाइप की बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं पाउच में प्लास्टिक होती है उस में डाइऑक्साइड करके एक केमिकल होता है उसके पानी पीने की वजह से कैंसर का कारण भी बन सकता है पाउच पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं हानिकारक है

विशेषज्ञ
डॉ मुकेश तोमर जिला अस्पताल मुरार
हमारे संवाददाता ने इसे की बात
इनसे की बात फूड सेफ्टी लाइसेंस (FSSAI Registration/License) भारत में खाद्य से जुड़े किसी भी व्यवसाय (उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री) के लिए अनिवार्य 14-अंकीय पंजीकरण नंबर है, जो भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है इससे संबंधित कोई लेसन से नंबर पूछ पर उपलब्ध नहीं है जब हमारे संवाददाता ने रजिस्ट्रेशन करने वाले एक दलाल से बात की तो उसने कहा कि हम ₹2000 में पानी पाउच पैकिंग करने वाला लाइसेंस बना देंगे जिसकी वैलिडिटी 5 साल रहेगी खुलेआम बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे पानी पाउच प्लांट
कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए यह होती हैं आवश्यकता
जगह (Space): लगभग 150-250 वर्ग फुट जगह, जिसमें मशीन, टैंक और स्टोरेज एरिया आ सके।
FSSAI लाइसेंस: खाद्य सुरक्षा के लिए।
BIS सर्टिफिकेशन (ISI मार्क): पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर के लिए BIS (IS:14543) अनिवार्य है।
पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट: लैब से पानी की गुणवत्ता का प्रमाण पत्र।
GST रजिस्ट्रेशन: व्यवसाय के लिए।
ट्रेड लाइसेंस: स्थानीय नगर निगम से







