सौभाग्य: अयोध्या के दिव्य संत का आगमन, महाराज श्री के सानिध्य से कृतार्थ हुआ सिंह परिवार

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान पलेरा से संवाददाता अटल यादव पत्रकार

टीकमगढ़ । मध्य प्रदेश ।। अध्यात्म और आस्था की पावन नगरी श्रीधाम अयोध्या, हनुमानगढ़ी से पधारे दिव्य विभूति श्री सदगुरुदेव महाराज एवं श्री श्री 108 श्री रमेश दास नांगा जी महाराज के आगमन से क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो उठा। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता माननीय श्री अशोक सिंह जी के गृह ग्राम स्थित निवास पर महाराज श्री ने चरण रज रखे, जिसे सिंह परिवार ने अपने जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य बताया। शास्त्रों के ज्ञाता और 111 यज्ञों का संकल्प पूज्य महाराज श्री का व्यक्तित्व बहुआयामी है। वे न केवल वेदाचार्य, व्याकरणाचार्य और शास्त्राचार्य हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रामचरितमानस के ओजस्वी प्रवक्ता भी हैं। 80 वर्ष की आयु में भी उनकी साधना अविचल है। उन्होंने बाल्यकाल में 111 श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ करवाने का जो संकल्प लिया था, प्रभु श्री राम की अनुकंपा से अब तक 110 यज्ञ निर्विघ्न पूर्ण हो चुके हैं। भक्तों के बीच यह अटूट विश्वास है कि महाराज श्री पर संकटमोचन हनुमान जी की साक्षात कृपा है। 6 वर्ष की आयु में संगम तट पर मिली थी दीक्षा मीडिया से चर्चा के दौरान श्री अशोक सिंह जी भावुक हो उठे। उन्होंने अपने गुरु-शिष्य संबंध के रहस्यों को साझा करते हुए बताया— “जब मैं मात्र 6 वर्ष का था और पहली कक्षा में मेरा दाखिला हुआ था, तभी प्रयागराज के पावन संगम तट पर गुरुदेव ने मुझे दीक्षित किया था। वह दिन रामनवमी का था और शुभ मंगलवार का पुष्य नक्षत्र था। यह गुरु कृपा और पूर्व जन्मों के अभेद संबंधों का ही फल है कि आज महाराज श्री ने मेरे गृह पर पधारकर भोजन प्रसादी ग्रहण की।”
लोक कल्याण की कामना
इस पावन अवसर पर श्री सिंह ने महाराज श्री से प्रार्थना की कि उनकी मंगलमयी करुणा केवल उन पर ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र सहित देश के कोने-कोने में संगठन के लिए कार्य कर रहे सभी पदाधिकारियों और समाजसेवियों पर बनी रहे। महाराज श्री ने सभी को शुभाशीष प्रदान करते हुए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया।
खास बात: क्षेत्र में चर्चा है कि महाराज श्री की तपस्या इतनी कठिन है कि उनके शयन के समय साक्षात नागराज उनकी रखवाली करते हैं, जो उनकी उच्च आध्यात्मिक अवस्था का प्रमाण है।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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