दैनिक केसरिया हिंदुस्तान संवाददाता वीरू गौतम
वन्यजीव की हत्या के बाद वनकर्मियों पर फायरिंग, पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा—तमंचा, कारतूस और 12 बोर बंदूक बरामद, हिस्ट्रीशीट खोलने की तैयारी
पीलीभीत। माधोटांडा थाना क्षेत्र के बराही जंगल में जंगली सूअर के अवैध शिकार का मामला अब बड़े आपराधिक नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें से दो बदमाश पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगने से घायल हो गए। सभी आरोपियों को इलाज के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
घटना की शुरुआत 15 अप्रैल की रात करीब 11 बजे हुई, जब कुछ शिकारियों ने संरक्षित वन्यजीव जंगली सूअर का शिकार किया। इस दौरान वनकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उल्टा उन पर फायरिंग कर दी और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने वन विभाग और पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान कई संदिग्धों के नाम सामने आए। इसी क्रम में 21 अप्रैल को पुलिस ने एक आरोपी हरजिंदर सिंह को मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था, जिससे पूछताछ में पूरे गिरोह का खुलासा हुआ।
शुक्रवार देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि इस मामले से जुड़े कुछ आरोपी सेल्हा मजार के पास जंगल में छिपे हुए हैं। सूचना मिलते ही माधोटांडा पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जंगल में घेराबंदी कर दी। खुद को चारों ओर से घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला, जिसमें अमरजीत सिंह (32) और हरपाल उर्फ जसपाल उर्फ पालू (24) के पैर में गोली लग गई और वे घायल होकर गिर पड़े।
पुलिस ने दोनों घायल बदमाशों को मौके से गिरफ्तार कर लिया और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र माधोटांडा भेजा, जहां उनका इलाज चल रहा है। इसी दौरान दो अन्य आरोपी भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें भी दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्तियार सिंह (30) और बलजीत सिंह (20) शामिल हैं। इनके कब्जे से एक तमंचा, दो जिंदा कारतूस और एक खोखा बरामद किया गया है।
इसके अलावा शनिवार को पुलिस ने एक और वांछित आरोपी सतनाम सिंह (72) को डगा पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी थाना हजारा क्षेत्र के गांव राघवपुरी के निवासी बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार इस शिकार में इस्तेमाल की गई 12 बोर बंदूक पहले ही बरामद की जा चुकी है। मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि यह मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि इसमें वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन करने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों पर जानलेवा हमला भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के आपराधिक इतिहास को देखते हुए उनकी हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी और भविष्य में उनके खिलाफ और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शिकार करने वाले गिरोहों में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस की इस बड़ी सफलता से वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949







