महाकुंभ कलश यात्रा में आए संतों की विदाई, श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ आरंभ

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नितिन जौहरी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान

सीहोर। इंटरनेट के कारण अश्लील सामग्रियों की बाढ़ सी आ गई है। जिससे हमारी मानसिकता दूषित हो रही है और कुछ षडयंत्रकारी लोग यही चाह रहे है कि हमारी मानसिकता दूषित हो और हम और हमारी संस्कृति पिछड जाए। लेकिन कथाओं और सत्संग के कारण ही हमारी सनातनी संस्कृति आज तक जीवित है इसलिए जहां भी कथा हो श्रवण अवश्य करना चाहिए, जहां पर भी धार्मिक कार्य हो वहां पर अपना योगदान देना चाहिए। नई पीढ़ी में अच्छे संस्कार डालने और भारत की गौरवशाली परंपरा से वाकिफ करवाने के लिए शिक्षा पद्धति में कुछ बदलाव की आवश्यकता है। उक्त विचार शहर के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री नृसिंह लक्ष्मी मंदिर कोलीपुरा में आयोजित संत समागम के अंतिम दिवस श्री-श्री 1008 महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास महाराज ने कहे। शहर के कोलीपुरा में आर्यावत षट्दर्शन साधु मंडल भारत के तत्वाधान में दो दिवसीय संत समागम का आयोजन किया गया था।
रविवार को अंतिम दिवस यहां पर आए संत समागम और महाकुंभ कलश यात्रा में शामिल साधु-संतों का महामंडलेश्वर महंत रामभूषण दास महाराज, संत माधव दास महाराज, मुख्य यजमान श्रीमती नमिता अखिलेश राय, यात्रा प्रभारी सन्नी सरदार, यज्ञाचार्य पंडित कुणाल व्यास, बजरंग दल के अध्यक्ष जगदीश कुशवाहा, सह प्रभारी रजत मुंदडा आदि ने यहां पर आए नागा साधुओं और संतों का सम्मान कर विदाई दी। वहीं सुबह यहां पर पंचाग पूजन, मंडल प्रवेश, देवता आह्वान और अग्रि स्थापना का आयोजन यज्ञशाला में किया गया।

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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