नितिन जौहरी दैनिक केसरिया हिंदुस्तान
सीहोर। अध्यापक संयुक्त मोर्चा, जिला सीहोर द्वारा शिक्षकों के हक और अधिकारों को लेकर आंदोलन अब निर्णायक चरण में पहुंचता दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में आगामी 18 अप्रैल 2026 को भोपाल के जंबूरी मैदान में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए जिलेभर में व्यापक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
जिला संयुक्त मोर्चा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम केवल एक सभा नहीं, बल्कि प्रदेश के लाखों शिक्षकों के अधिकारों की लड़ाई का मजबूत मंच बनने जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी विकासखंड—सीहोर, आष्टा, इछावर, भैरूंदा एवं बुधनी—में शिक्षक साथियों के बीच लगातार संपर्क कर उन्हें भोपाल पहुंचने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मोर्चा द्वारा जिलेभर में “पीले चावल आमंत्रण अभियान” चलाया जा रहा है, जो शिक्षकों के बीच एकजुटता और सम्मान का प्रतीक बन चुका है। इस अभियान के तहत शिक्षक एक-दूसरे को पीले चावल देकर कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे रहे हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में यह अभियान तेजी से फैल रहा है और इसे अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है।
मोर्चा पदाधिकारियों के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर बैठकें, संवाद कार्यक्रम और जनसंपर्क अभियान आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें आंदोलन की रणनीति और कार्यक्रम की रूपरेखा पर चर्चा की जा रही है। सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के माध्यम से भी शिक्षकों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित हो सके
प्रदेश में वर्ष 1998 से 2003 के बीच नियुक्त शिक्षक विभागीय नियमों के तहत नियुक्त हुए थे। इसके बाद वर्ष 2005 और 2008 में पात्रता परीक्षाओं के माध्यम से चयन किया गया। वहीं वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षक पहले ही TET उत्तीर्ण कर चुके हैं।
मोर्चा का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में TET 2026 लागू करने से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित होंगे, जिनमें कई शिक्षक पिछले 20 से 22 वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। यह निर्णय उनके भविष्य और सेवा सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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