रिपोर्टर प्रेम कुण्डले
संवादाता दिलीप बिरला
सनावद। माध्यमिक विद्यालय काकरियाव में शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। ग्रामीणों और अभिभावकों के अनुसार, पिछले एक साल से स्कूल कई बार बंद मिलता है और जब खुलता भी है तो निर्धारित समय का पालन नहीं किया जाता। स्कूल न तो समय पर खुलता है और न ही समय पर बंद होता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि स्कूल में मात्र तीन से चार बच्चे ही नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं, जबकि वहां दो अतिथि शिक्षक और एक स्थायी शिक्षक पदस्थ हैं। इसके बावजूद शिक्षण कार्य सुचारू रूप से नहीं हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षक कभी आते हैं तो कभी अनुपस्थित रहते हैं, जिससे बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
इस संबंध में जन शिक्षक और बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) को कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। हर बार केवल आश्वासन दिया जाता है कि जांच कर पंचनामा बनाया जाएगा, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। स्थाई शिक्षक पटेल ने बताया कि अतिथि मेरी सुनते नहीं है। जब सुनते नहीं तो संकुल में उनकी शिकायत क्यों नहीं की इसका मतलब आप भी कही न कहीं गलत हो। इतना ही नहीं, हेडमास्टर वीरेंद्र पटेल पर यह भी आरोप है कि वे स्कूल परिसर में तंबाकू का सेवन करते हैं, जो न केवल अनुशासनहीनता है बल्कि बच्चों पर गलत प्रभाव भी डालता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके। अब देखते है शिक्षा विभाग के जिम्मेदार क्या कारवाही करते है।
जिम्मेदार बोले
जन शिक्षक सुनील बिरला ने बताया हम किसी दिन आते है फिर पंचनामा बनाते है उनकी सैलरी रुकवाते है। मैने संकुल प्राचार्य से बात की है।
संकुल प्राचार्य श्री गौड ने बताया कि मुझे इतने दिन से कोई जानकारी नहीं है मुझे जन शिक्षक ने बताया है में दिखवाता हु।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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