ब्लॉक बैठक में फूटा जनप्रतिनिधियों का गुस्सा: स्मार्ट मीटर, राशन कार्ड और टूटी सड़कों पर अफसरों को घेरा

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दैनिक केसरिया हिंदुस्तान संवाददाता वीरू गौतम
पीलीभीत पूरनपुर। क्षेत्र पंचायत की बैठक इस बार महज औपचारिकता नहीं रही, बल्कि जनप्रतिनिधियों के आक्रोश का मंच बन गई। गांवों में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों से जर्जर सड़कों, स्मार्ट मीटर से बढ़ते बिजली बिलों, राशन कार्ड की जटिलताओं और निजी अस्पतालों में लापरवाही से हो रही मौतों के मुद्दों पर सदस्यों ने जमकर नाराजगी जताई। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विकास खंड सभागार में आयोजित बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख मानसी सिंह ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी योजनाओं और उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया, लेकिन जनप्रतिनिधियों ने जमीनी हकीकत का हवाला देते हुए कई दावों पर सवाल खड़े कर दिए।
सीडीपीओ अजय सिंह ने आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब पोषाहार सीधे केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे वितरण में पारदर्शिता आएगी। साथ ही कन्या जन्म प्रोत्साहन योजना के तहत पहली बेटी पर पांच हजार और दूसरी पर छह हजार रुपये की सहायता राशि दिए जाने की जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएचसी प्रभारी डॉ. मनीष राज शर्मा ने सेवाओं का विवरण दिया, जबकि पशुपालन, जल निगम, पूर्ति और कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी योजनाओं का प्रस्तुतिकरण किया।
हालांकि बैठक में सबसे ज्यादा आक्रोश जल जीवन मिशन के कार्यों को लेकर देखने को मिला। कई ग्राम प्रधानों ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन डालने के नाम पर गांवों की सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी उनकी मरम्मत नहीं कराई गई। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर तो हालात इतने खराब हैं कि आवागमन तक मुश्किल हो गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल उठे। बिना मान्यता प्राप्त अस्पतालों के संचालन और वहां इलाज के दौरान हो रही संदिग्ध मौतों पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना था कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होती और मामलों को दबा दिया जाता है, जिससे आम लोगों का भरोसा टूट रहा है।
ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली भी बैठक में निशाने पर रही। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अचानक वृद्धि और बिना सूचना के कनेक्शन काटे जाने की शिकायतें सामने आईं। सदस्यों ने आरोप लगाया कि अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, जिससे उपभोक्ताओं को दर-दर भटकना पड़ता है।
राशन कार्ड से जुड़ी समस्याएं भी प्रमुख मुद्दा रहीं। यूनिट कटने और नाम हटने जैसी दिक्कतों को लेकर लोगों को बार-बार पूर्ति विभाग के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं मिल रहा। इस पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई गई।
बैठक में आंगनबाड़ी विभाग को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया गया। सेवानिवृत्ति की आयु पार कर चुकी कार्यकर्ताओं के अभी तक पद पर बने रहने पर सवाल उठाए गए। इस पर सीडीपीओ ने बताया कि सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया पोर्टल के माध्यम से होती है और मामले की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने एक सुर में कहा कि योजनाओं का लाभ तभी मिलेगा जब धरातल पर काम सही तरीके से हो। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान खंड विकास अधिकारी हेमंत कुमार, प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष नरेश पाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संचालन रामकिशोर और राजकुमार सिंह ने किया।

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

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