हरीश कुमार पांडे/जिला ब्यूरो
पीलीभीत। जिले में गेहूं उत्पादन के सही आंकड़े जुटाने के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने मरौरी विकासखंड के ग्राम चंदोई में पहुंचकर क्रॉप कटिंग प्रयोग का औचक निरीक्षण किया। डीएम के अचानक खेतों में पहुंचने से मौके पर मौजूद अधिकारियों में भी हलचल मच गई और पूरी प्रक्रिया को गंभीरता के साथ संपन्न कराया गया। निरीक्षण के दौरान किसानों के खेतों में वैज्ञानिक पद्धति से गेहूं की फसल की कटाई कर वास्तविक उत्पादन का आकलन किया गया। क्षेत्रीय लेखपाल की देखरेख में किसान राजा तोमर और सुभाष चन्द्र के खेत में 43.3 वर्ग मीटर क्षेत्र में समबाहु त्रिभुज का प्लॉट बनाकर सीसीई एग्री ऐप के जरिए क्रॉप कटिंग की गई। कटाई के बाद फसल की पिटाई और तौल कराई गई, जिसमें दो अलग-अलग गाटों से क्रमशः 18.160 किलोग्राम और 15.230 किलोग्राम उपज दर्ज की गई। इन आंकड़ों के आधार पर क्षेत्र की औसत पैदावार का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी से पूरी प्रक्रिया—नपाई, कटाई और ऑनलाइन डेटा फीडिंग—की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि क्रॉप कटिंग पूरी पारदर्शिता और सटीकता के साथ की जाए, ताकि सरकार को सही आंकड़े मिल सकें और उसी आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें। किसानों से संवाद करते हुए डीएम ने उन्हें फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा और किसान पंजीकरण कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा और प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इस दौरान कानूनगो तेज बहादुर गंगवार, लेखपाल कृष्ण मुरारी, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद सिंह, इफको टोकियो कंपनी के जिला प्रतिनिधि महेन्द्र भारती, तहसील समन्वयक महेन्द्र वर्मा समेत कई अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।
Author: Dainik kesariya Hindustan
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