मऊगंज में गौशालाएं बनीं मौत का अड्डा: चारा और इलाज के अभाव में तड़प-तड़पकर मर रहे गोवंश

SHARE:

*मऊगंज जिले की भैसहई गौशाला में चारा और इलाज के अभाव में गोवंशों की मौत का मामला सामने आया है. प्रशासन ने जांच और कार्रवाई की बात कही है.*
मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए संचालित गौशालाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गई है. ब्लॉक और ग्राम स्तर पर आधा सैकड़ा से अधिक गौशालाएं संचालित होने के बावजूद जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है. अधिकांश गौशालाओं में न तो पर्याप्त चारा उपलब्ध है. और न ही पशु चिकित्सा की समुचित व्यवस्था, जिसके चलते गोवंश भूख और बीमारी से तड़प-तड़पकर दम तोड़ रहे हैं.
*श्री कृष्णा गौशाला भैसहई में बदहाल हालात*
हनुमना विकासखंड के ग्राम पंचायत करकचहा स्थित श्री कृष्णा गौशाला भैसहई की स्थिति सबसे अधिक दयनीय सामने आई है। यहां चारा और इलाज के अभाव में मवेशियों की लगातार मौत हो रही है. गौशाला परिसर में मृत पड़े पशु और फैली दुर्गंध सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं. स्थानीय लोगों और गौशाला कर्मचारियों के अनुसार, करीब दो माह पहले यहां 250 से अधिक मवेशी थे, जो अब घटकर लगभग 150 रह गए हैं. दबी जुबान में कर्मचारियों ने बताया कि इस अवधि में सैकड़ों मवेशियों की मौत हो चुकी है.
*लाखों खर्च के बावजूद बदहाल व्यवस्था*
सरकार ने हर गौशाला में प्रति माह लाखों रुपये चारा, भूसा, कर्मचारियों और चिकित्सा सुविधाओं पर खर्च किए जाने का दावा किया जाता है. इसके बावजूद भैसहई गौशाला में गोवंशों की हालत बेहद खराब है. कई मवेशी कुपोषण और बीमारी के चलते मरने की कगार पर हैं.
*मृत मवेशियों के अवशेष खुले में, फैल रही दुर्गंध*
गौशाला परिसर में मृत पशुओं को मानक अनुसार निस्तारित नहीं किया जा रहा। उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे आसपास का वातावरण दूषित हो रहा है। आवारा कुत्ते और जंगली जानवर इन अवशेषों को नोचते नजर आते हैं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
जिम्मेदारों की अनदेखी
स्थानीय लोगों का कहना है कि गौशालाओं की नियमित मॉनिटरिंग नहीं हो रही. जिम्मेदार अधिकारी या तो निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचते या फिर वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज कर देते हैं। इससे गौ संरक्षण जैसी योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित रह गई हैं.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
दशरथ प्रसाद कोरी (सरपंच प्रतिनिधि, गौशाला संचालक) का कहना है कि मवेशियों की मौत बीमारी के कारण हो रही है और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है.।
वहीं डॉ. जेएल साकेत (प्रभारी डिप्टी डायरेक्टर) ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी. यदि अनियमितता पाई गई तो संचालक को नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर संचालन का जिम्मा बदला जाएगा

Dainik kesariya Hindustan
Author: Dainik kesariya Hindustan

सिर्फ खबरों से संबंधित ही संपर्क करें सम्पादक अशोक सोनी 9009601101 जुड़ने के लिए सम्पर्क करे प्रबंधक उजाला 8602385387 खबरों के लिए सम्पर्क करे दीपेश माहौर 8463846949

Leave a Comment

best news portal development company in india
best news portal development company in india
सबसे ज्यादा पड़ गई