पूर्व विधायक गुलाब कमरो का तीखा बयान, उठाए कई सवाल
दैनिक केसरिया हिंदुस्तान/जिला ब्यूरो भूपेंद्र सिंह गंभीर
एमसीबी/भरतपुर-सोनहत
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में अवैध पशु तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। थाना सोनहत पुलिस की मुस्तैदी से 17 भैंसों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया गया, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि ग्राम उज्ञांव (चौकी रामगढ़) में बड़ी संख्या में मवेशियों को अवैध रूप से छिपाकर रखा गया है।जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपी बहादुर सिंह (56 वर्ष) के कब्जे से 17 भैंसें बरामद की गईं। पुलिस के अनुसार, इन बेजुबान जानवरों को बेहद अमानवीय तरीके से रस्सियों से कसकर बांधकर रखा गया था। टीम ने तत्काल पशुओं को मुक्त कराया और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया।
प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। आरोपी बहादुर सिंह ने बताया कि इन भैंसों को सोनहत विकासखंड के उज्ञाव निवासी पी.पी. सिंह और झारखंड निवासी मकसूद खान द्वारा ट्रक के माध्यम से लाकर यहां डंप किया गया था। जानकारी के मुताबिक, इन मवेशियों को चोरी-छिपे बुचड़खाने भेजने की पूरी तैयारी थी। बरामद किए गए मवेशियों की अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और फरार पीपी सिंह की तलाश तेज कर दी गई है। बताया जा रहा है कि पीपी सिंह अपने आप को नेता बात कर विधायक और मंत्रियों के साथ दिखाई देता है और उनके साथ फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया में पोस्ट कर अपने आपको प्रभावशाली बताता है।
इसी मामले को लेकर क्षेत्र की राजनीति भी गरमा गई है। भरतपुर–सोनहत क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि “हिंदुत्व की बड़ी-बड़ी बातें करने वाले अब खुद गंभीर आरोपों में घिरते नजर आ रहे हैं।” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि धर्म और संस्कार की बात करने वाले लोगों की वास्तविकता क्या अब सामने आ रही है? साथ ही, आरोपी के स्थानीय विधायक के साथ फोटो को लेकर भी उन्होंने सवाल खड़े किए हैं कि क्या यह छवि सुधारने का प्रयास है या जनता को भ्रमित करने की कोशिश।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।







