ओलावृष्टि/किसानों के फसल मुआवजे को लेकर केबिनेट मंत्री ने की महत्वपूर्ण बैठक

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दैनिक केसरिया हिन्दुस्तान/नीरज चतुर्वेदी
मथुरा। प्रदेश के गन्ना विकास एवं चीनी मिलें मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी की अध्यक्षता में किसानों की फसलों की क्षति एवं मुआवजे के संबंध में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई संपन्न। बैठक में राज्यसभा सांसद तेजवीर सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी, विधायक गोवर्धन मेघश्याम सिंह, लोकसभा सांसद प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा, विधायक बल्देव के प्रतिनिधि पंकज प्रकाश, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी डॉ0 पूजा गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ0 पंकज कुमार वर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन अमरेश कुमार, उप जिलाधिकारी सदर/ ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अभिनव जे जैन, उप जिलाधिकारी छाता वैभव गुप्ता, उप जिलाधिकारी मांट रितु सिरोही, उप जिलाधिकारी महावन कंचन, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, उप निदेशक कृषि वसंत कुमार दुबे, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला कृषि अधिकारी आवेश कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ0 नरेंद्र नारायण शुक्ला, आपदा विशेषज्ञ पूजा राणा सहित समस्त तहसीलदार एवं खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
माननीय मंत्री गन्ना विकास एवं चीनी मिलें लक्ष्मी नारायण चौधरी ने जनपद में आई तेज़ आंधी, बारिश एवं अतिवृष्टि/ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को हुए नुकसान/क्षति एवं मुआवजे के संबंध में बारी-बारी से समस्त ब्लॉकों एवं तहसीलों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित किसानों का सर्वेक्षण कार्य शीघ्रता एवं पारदर्शिता के साथ पूर्ण किया जाए, ताकि उन्हें समयबद्ध तरीके से मुआवजा उपलब्ध कराया जा सके। मंत्री जी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और किसी भी परिस्थिति में किसानों को आर्थिक नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। मंत्री जी ने जिलाधिकारी, समस्त उप जिलाधिकारियों, कृषि विभाग के अधिकारियों एवं बीमा कंपनी के पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने कहा कि लेखपाल स्वयं सर्वे करने जाए। मुआवजा/सहायता राहत प्रदान करने पर बटाईदार किसानों को अवश्य ध्यान में रखा जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान मानवीय दृष्टिकोण एवं शासन के निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने वर्ष 2025 में बाढ़/अतिवृष्टि से हुई फसल क्षति के सापेक्ष प्रभावित कृषकों को सहायता राहत (राजस्व एवं आपदा) वितरण की जानकारी दी गई। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि वर्ष 2025 में जनपद के 18642 कृषकों की प्रभावित 7529.87 हेक्टेयर क्षेत्रफल को रुपए 12,85,96,405 कि सहायता धनराशि का वितरण किया गया था। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने माह मार्च 2026 एवं माह अप्रैल 2026 में हुई अतिवृष्टि/ ओलावृष्टि से प्रभावित फसल सर्वे की स्थिति से मंत्रीजी को अवगत कराया कि जनपद में 898 राजस्व ग्राम है, जिसमें से 529 ग्राम प्रभावित हुए है। (मथुरा के 170, छाता के 131, मांट के 65, महावन के 74 तथा गोवर्धन के 89 कुल 529 ग्राम प्रभावित हुए है।) जनपद में अभी तक 258 ग्रामों का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है, जिसमें मथुरा के 44, छाता के 67, मांट के 40, महावन के 45 तथा गोवर्धन के 62 कुल 258 ग्रामों का सर्वे पूर्ण किया गया है। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि अन्य शेष ग्रामों का सर्वे किया जा रहा है, जिसे आगामी 02 दिवसों में पूर्ण कर लिया जाएगा। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद का 34420.67 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित हुआ है तथा जनपद के 61967 कृषक प्रभावित हुए है। बैठक में सभी उप जिलाधिकारियों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि सरकार द्वारा प्रभावित फसलों हेतु लगभग रुपए 17000 प्रति हेक्टेयर प्रदान किया जाता है तथा बीमा कंपनी द्वारा लगभग रुपए 79900 प्रति हेक्टेयर प्रदान किया जाता है। माननीय मंत्री जी ने कहा कि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं आनी चाहिए। सभी अधिकारी खेतों में जाकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लें तथा किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दे।

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Author: Dainik kesariya Hindustan

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