दैनिक केसरिया हिंदुस्तान | जिला ब्यूरो चीफ़: मोहन गुर्जर (8435117353)
मंदसौर। मंदसौर जिले में सड़क हादसों ने भयावह रूप ले लिया है। मंदसौर–सीतामऊ रोड पर स्थित गुर्जरबर्डिया क्षेत्र इन दिनों “यमराज का डेरा” बन गया है, जहां महज 24 घंटे के भीतर चार लोगों की जान चली गई। इनमें से दो दर्दनाक हादसे तो सिर्फ 60 मिनट के अंतराल में हुए, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
*60 मिनट में दो हादसे, दो की मौत*
जानकारी के अनुसार गुर्जरबर्डिया चौपाटी क्षेत्र में एक के बाद एक हुए हादसों में दो लोगों की मौत हो गई।
पहले हादसे में संजय पाटीदार (निवासी रावटी) की ओवरलोड ट्राले से टक्कर के बाद मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा चौपाटी और पलवई फंटे के बीच हुआ।
इसके कुछ ही देर बाद उसी क्षेत्र में नवनिर्मित सड़क पर दूसरा हादसा हुआ, जिसमें पंकज पाटीदार (राधा कृष्ण मेडिकल, गोल चौराहा) की मौके पर ही जान चली गई।
*इन लगातार हादसों से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया।*
*तीसरा हादसा: महिला और 15 वर्षीय बालक की मौत*
इसी दिन सीतामऊ रोड के अरनिया निजामुद्दीन के पास कार और बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई।
युवराज पाटीदार (15 वर्ष, निवासी सुरी)
मंजू बाई (45 वर्ष, निवासी कुंताखेड़ी)
दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
*ओवरलोड वाहन बने मौत का कारण*
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्राले और ट्रैक्टर हादसों की सबसे बड़ी वजह बन चुके हैं।
सूखले (भूसे) से भरे ट्राले पूरी सड़क घेर लेते हैं
दोपहिया वाहन चालकों को निकलने में भारी परेशानी
रात में रेडियम नहीं होने से खतरा और बढ़ जाता है
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन द्वारा इन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही।
*पुलिस अधीक्षक ने किया निरीक्षण*
मौके पर पहुंचे विनोद कुमार मीणा ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और लोगों को समझाइश दी—
हेलमेट पहनकर वाहन चलाएं
शराब पीकर ड्राइविंग न करें
यातायात नियमों का पालन करें
*जिला पंचायत अध्यक्ष का फूटा गुस्सा*
घटनाओं के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष विजय दुर्गा पाटीदार ने आरटीओ विभाग पर जमकर नाराजगी जताई।
उन्होंने साफ कहा—
> “आपका विभाग सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित है, जमीनी स्तर पर कोई सख्ती नजर नहीं आती।”
*श्रीमति विजय दुर्गा पाटीदार के मुख्य आरोप:*
ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई नहीं
रेडियम की अनदेखी
लगातार हादसों के बावजूद लापरवाही
उन्होंने तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मंदसौर–सीतामऊ रोड पर बढ़ते हादसे अब गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। लगातार हो रही मौतों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह “यमराज का डेरा” और भी जानलेवा साबित हो सकता है।







